सहजन सिर्फ़ पेड़ नहीं मानव के लिए कुदरत का चमत्कार हैं

क्या आप जानते हैं की मुनगा या सहजन आदि नामों से जाना जाने वाला यह पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमे कैल्सियम, आयरन,कार्बोहड्रेट,प्रोटीन,विटमिन्स,पोटैशियम आदि प्रचुर मात्रा मे पाए जाते हैं  यह हड्डी की घनत्वता

क्या आप जानते हैं की मुनगा या सहजन आदि नामों से जाना जाने वाला यह पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमे कैल्सियम, आयरन,कार्बोहड्रेट,प्रोटीन,विटमिन्स,पोटैशियम आदि प्रचुर मात्रा मे पाए जाते हैं  यह हड्डी की घनत्वता बड़ाने मे बहुत फयदेमंद होता हैं इसमें 300 से अधिक रोगों की रोकथाम के गुण पाए जाते हैं हैं।इसमे 90 से अधिक प्रकार के मल्टीविटामिन्स, 46 प्रकार के एंटी आक्सीडेंट गुण, 35 प्रकार के दर्द निवारक और 20 प्रकार के एमिनो एसिड मिलते हैं। करीब पांच हजार वर्ष पहले आयुर्वेद ने सहजन की जितनी खूबियो को पहचाना था, वे आज के इस वैज्ञानिक युग में साबित हो चुकी हैं।  सहजन को अंग्रेजी में ड्रमस्टिक कहा जाता है। इसका वनस्पति नाम मोरिंगा ओलिफेरा  है। अनेक देशों जैसे- भारत, फिलीपीन्स, मैक्सिको, श्रीलंका, मलेशिया आदि में सहजन का उपयोग बहुत अधिक किया जाता है। दक्षिण भारत के व्यंजनों मे सहजन का उपयोग खूब किया जाता हैं सहजन की फली को सब्जी के रूप मे भी खाया जाता हैं जो की बहुत स्वादिष्ट ओर अत्यंत पौष्टिक  होती हैं

  • सहजन के अंदर जो विटमिन्स होते हैं बो संतरे से सात गुना अधिक होते हैं
  • इसमे विटामिन ए गाजर से चार गुना अधिक होता हैं
  • कैल्सियम दूध से चार गुना अधिक होता हैं
  • पोटैशियम,केले से तीन गुना अधिक होता हैं
  • प्रोटीन दही की तुलना मे तीन गुना अधिक होता हैं
  • सहजन मे फाइबर्स अधिक होते हैं जिससे हमारी पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती हैं
  • सहजन अस्थमा,डायबिटीज़,ब्लॉड़ शुगर,.टी.बी को कंट्रोल करने के लिए प्राकृतिक उपचार हैं इसके लगातार प्रयोग से रोगो को कम किया जा सकता है कुछ समय के बाद रोगो को जड़ से समाप्त किया जा सकता हैं
  • सहजन की फली को नियमित रूप से खाने से शरीर की कमज़ोरी दूर होती हैं
  • सहजन के फूल उदर रोगो मे,कफ रोगो मे बहुत लाभकारी होता हैं साथ ही फली वात रोगो मे व उदर सूल लाभकारी होती हैं,पत्ती नेत्र रोगो मे,मोच,गठिया रोग मे बहुत ही उपयोगी होती हैं,जड़-दमा रोग,जलोदक रोग,पथरी मे प्लीहा रोग आदि के लिए बहुत ही उपयोगी होती हैं,तथा छाल-,गठिया रोग,सयटिका रोग,जिगर आदि रोगोके लिए बहुत अधिक उपयोगी हैं इसका उपयोग करके अनेक रोगो को दूर कर सकते हैं
  • चारे के रूप में इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि होती है। इतना ही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की वृद्धि होती है। इतने गुणों के एक साथ होते हुए सहजन चमत्कार से कम नहीं है।
  • सहजन का रेगुलर उपयोग करने से त्वचा संबंधी परेशानी जैसे-मुहासे,पिम्पिल्स,काले घेरे से राहत मिलती हैं
  • डायबिटीज़ कन्ट्रोल करने मे सहजन बहुत लाभदायक होता हैं
  • इसमे जिंक होता हैं जो स्पर्म काउंट बढ़ाता हैं
  • इसमे उपस्थित पोटैशियम,ह्रदय की विमारियो से बचाता हैं
  • सहजन के पेड़ के किसी भी भाग जैसे-फली,पत्ती,जड़,फूल,छाल को खाने से मेटबॉलिज़म बढ़ता हैं जिससे बजन कम होता हैं
  • इसमे प्रोटीन ज़्यादा होता हैं जिससे मसल्स ओर एप आसानी से बनते हैं
  • इसमे विटामिन ए होता हैं जो आँखो की रोशनी बनाए रखता हैं
  • इसमे राइबोफ्लेविन प्रचुर मात्रा मे पाया जाता हैं जो गर्भावस्था मे बहुत फयदेमंद होता हैं
  • इसमे लोहा तत्व अधिक मात्रा मे होते हैं जो हमे खून की कमी से बचाता हैं
  • सहजन मे फाइबर्स अधिक होते हैं जिससे हमारी पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलती हैं
  • सहजन की फली की सब्जी खाने से गुर्दे ओर मुत्राशय की पथरी टूट कर बाहर निकल जाती हैं
  • इसकी छाल का रस बच्चो के शरीर के कीड़े मरता हैं साथ ही उल्टी,दस्त मे भी लाभकारी होता हैं